UPSC Success Story: सपना पूरा करने के लिए ठुकराई ISRO की नौकरी, पहले प्रयास में बनीं IPS अफसर

UPSC Success Story: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा मानी जाने वाली UPSC Civil Services Exam (UPSC Exam) हर साल लाखों युवाओं का सपना होती है। इस परीक्षा से ही IAS, IPS, IFS और अन्य सिविल सेवा अधिकारियों का चयन होता है। इस परीक्षा को पास करना आसान नहीं होता क्योंकि इसमें कड़ी मेहनत समर्पण और लगातार पढ़ाई की जरूरत होती है। प्रीलिम्स (Prelims) मेंस (Mains) और इंटरव्यू (Interview) जैसे तीन लेवल के बाद ही कोई उम्मीदवार IAS या IPS Officer बन पाता है।
IPS Tripti Bhatt: एक ऐसा नाम जो युवाओं के लिए प्रेरणा है
उत्तराखंड के अल्मोड़ा की रहने वाली IPS तृप्ति भट्ट (Tripti Bhatt IPS) आज हर उस स्टूडेंट के लिए एक मोटिवेशन बन चुकी हैं जो UPSC की तैयारी (UPSC Preparation) कर रहे हैं। एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाली तृप्ति ने वो कर दिखाया जो लाखों लोग सिर्फ सोचते हैं। उन्होंने ISRO NTPC और कई बड़ी कंपनियों की नौकरियों को ठुकरा दिया क्योंकि उनका सपना सिर्फ एक था – IPS Officer बनना।
बचपन से ही होशियार थीं तृप्ति भट्ट
तृप्ति भट्ट का जन्म और पालन-पोषण अल्मोड़ा के जोशी खोला मोहल्ले में हुआ। वह पढ़ाई में बचपन से ही बहुत तेज थीं। 12वीं तक की पढ़ाई उन्होंने केंद्रीय विद्यालय (Kendriya Vidyalaya) से की और फिर पंतनगर यूनिवर्सिटी (Pantnagar University) से Mechanical Engineering की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के बाद उन्हें NTPC में सहायक प्रबंधक (Assistant Manager) की नौकरी मिली लेकिन उन्होंने कुछ अलग करने की ठानी थी।
एपीजे अब्दुल कलाम से मुलाकात बनी Turning Point
जब तृप्ति 9वीं क्लास में थीं तब अल्मोड़ा में उनकी मुलाकात पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम (APJ Abdul Kalam) से हुई थी। इस एक मुलाकात ने उनकी जिंदगी की दिशा ही बदल दी। उस समय उन्होंने ठान लिया था कि कुछ ऐसा करना है जिससे देश की सेवा हो सके। और यही वजह थी कि उन्होंने ISRO जैसी संस्था की नौकरी को भी ठुकरा दिया।
पहले ही अटेम्प्ट में बनीं IPS
2013 में तृप्ति भट्ट ने पहली बार UPSC Civil Services Exam दिया और अपने पहले ही प्रयास में 165वीं रैंक (AIR 165) हासिल कर ली। उनका चयन IPS के लिए हुआ और उन्हें उनके होम स्टेट उत्तराखंड का कैडर मिला।
एक के बाद एक बड़ी जिम्मेदारियां
IPS बनने के बाद तृप्ति भट्ट ने अपने करियर की शुरुआत एसपी देहरादून (SP Dehradun) के तौर पर की। इसके बाद उन्होंने SP चमोली (Chamoli) फिर कमांडिंग ऑफिसर SDRF और फिर SSP टिहरी गढ़वाल (Tehri Garhwal) के तौर पर कार्य किया। हर जगह उनकी कार्यशैली की तारीफ हुई और जनता से उनका मजबूत जुड़ाव बना रहा।
वर्तमान में वह देहरादून में SP इंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी (SP Intelligence & Security) के पद पर तैनात हैं और लगातार उत्तराखंड की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रही हैं।